Hallo frainds, आज हम आपको ले चलते हैं, अपने blog पर, और कराते हैं आपको Pokhara की एक खूबसूरत सैर….। नेपाल में इसे ”झीलों का शहर” भी कहा जाता है। Pokhara nepal का एक खूबसूरत शहर है। जहाँ पर एक बार जाने के बाद बार – बार जाने का मन करता है।
पोखरा नेपाल का एक खूबसूरती का अनुमान आप इसी बात से लगा सकते हैं, कि इसकी प्राकृतिक सुंदरता के कारण ही इसे ”हिमालय का रत्न” कहा जाता है। अधिकांशतः foreign travellers यदि Nepal जाते हैं, तो Kathmandu जाने के बाद Pokhara जाना नहीं भूलते।
Kathmandu to Pokhara
तो चलते हैं, अब kathmandu से Pokhara की ओर…..! वह भी – by Road….! Nepal की राजधानी काठमांडू पहुँचने के बाद, अब पोखरा जाने के लिए सबसे पहले हमें Nagdhunga hill से नीचे उतरना होता है। पहाड़ों के बीच से यह मुड़ती, बलखाती रोड हमें नागढूँगा पहाड़ी से नीचे उतारती है, फिर एक के बाद एक करके यह ”पृथ्वी राजमार्ग” [Prithvi Highway ] कई सुन्दर पहाड़ियों से होकर गुजरता हुआ हमें Pokhara पहुँचाता है।
नागढूँगा के बाद गल्छी और मलेखु की पहाड़ियों से गुजरता हुआ यह मार्ग mugling की पहाड़ियों पर संकरा हो जाता है। इसके बाद कुरिंतार की पहाड़ियां भी इसी मार्ग पर पड़ती हैं, यहीं पर स्थित है, ”मनकामना मन्दिर” जो Nepal का प्रसिद्ध मन्दिर है।
Phewa Lake
पोखरा में वैसे तो बहुत ही खूबसूरत Places आपको देखने को मिलेंगे, लेकिन यहाँ की फेवा झील पर्यटकों के बीच बहुत ही famous है। अगर कोई पोखरा जाता है, तो शायद ही वह फेवा झील देखने न जाता हो।
फेवा झील का नीला व स्वच्छ पानी, उसमे अन्नपूर्णा व माछापुच्छ्रे की दिखती प्रतिछाया, चलती बोट, water activity आदि कुछ ऐसे दृश्य हैं कि पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते रहते हैं।
Tal Barahi temple
इसी फेवा झील के बीच में माता “ताल बाराही” का मन्दिर है। यह नेपाल का बहुत ही प्रसिद्ध मंदिर है। मान्यता है कि दुष्टों का संहार करने के बाद माता बाराही ने अपने निवास के लिए इसी स्थान को चुना था। यह मंदिर माता बारही देवी को समर्पित है, जो देवी दुर्गा का ही एक रूप है। इस मन्दिर का निर्माण राजा कुलमन्दन शाह ने करवाया था, जिसका बाद में पुनर्निर्माण किया गया था।
माता बारही देवी का मंदिर Phewa Lake के बीच एक टापू [द्वीप] पर स्थित है। इसलिए इस मन्दिर में जाने के लिए कोई सड़क उपलब्ध नहीं है। अतः मंदिर जाने के लिए आपको बोट से जाना होगा। मन्दिर जाने के लिए नाव में बैठने से पहले यहीं से प्रसाद भी ले लें।
Ticket
बोट से माता बारही धाम जाने के लिए आपको टिकट लेना होगा। यह टिकट आप टिकट काउंटर से ले सकते हैं।
Ticket price – 140 – 160 npr [नेपाली करेंसी ] रहती है। यद्यपि यह price समय – समय पर परिवर्तित होती रहती है। इसलिए जाने से पहले अद्यतन कर लें।
Pumdikot shiv temple
यह Tempal Pokhara में एक hill पर स्थित हैं। यह Nepal का एक famous temple है। माना जाता है, कि यहाँ पर शिव जी [महादेव ] की शक्ति की शक्ति 24 hours रहती है। माना जाता है कि यहाँ पर अपने आस्थावान भक्तों की कामना बाबा भोलेनाथ अवश्य पूरी करते है।

इस मन्दिर का पुनर्निर्माण 2017 में प्रारम्भ किया गया, और 2021 मे बनकर पूरा हुआ। यहाँ पर बनी भोलेनाथ की भव्य मूर्ति भारत के “मथुरा” में बनाई गयीं है।
यहाँ से पोखरा व फेवा झील का beutifull view मिलता है।
Mahendra cave
यह गुफा भी Pokhara में स्थित है। 1950 के दशक मे एक मवेसी चराने वाले चरवाहे के द्वारा इस गुफा की खोज की गयी। उसने धीरे – धीरे गुफा के सामने फैली झाड़ी/बड़ी घास को साफ किया , तो गुफा में उसे एक शिवलिंग जैसी आकृति मिली, धीरे – धीरे यह चर्चा स्थानीय लोगों में होने लगी। जब यह बात नेपाल के राजा महेन्द्र शाह के पास पहुँची, तो वह भी इस गुफा को देखने यहाँ आये थे।
गुफा काफी प्राचीन है। बात 1954 की है, जब राजा महेन्द्र शाह इस गुफा को देखने के यहाँ पर आये थे, तो इस cave को देखकर वह बहुत ही प्रभावित हुए। उन्होंने इस गुफा को विकसित करने का आदेश दे दिया। गुफा की सफाई करके आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया।
चूँकि इस गुफा को देखने राजा महेन्द्र स्वयं आये थे, अतः इस गुफा का नाम राजा महेन्द्र के नाम पर ‘महेन्द्र गुफा” रखा गया, जो कि सरकारी राजपत्र में अंकित है।
यहाँ पर गुफा में बनी इस ”शिवलिंग आकृति” को [Stalagmites] को लोग प्राकृतिक शिवलिंग मानकर श्रद्धा भाव से पूजा करते हैं।
Bat Cave
महेन्द्र गुफा से कुछ दूर Bat cave की गुफा भी है। इस गुफा को ”चमेरे गुफा” भी कहते हैं। गुफा काफी संकरी है। कहीं – कहीं पर गुफा के अंदर झुक कर चलना पड़ता है।
इस अँधेरी गुफा में हजारों की संख्या में चमगादड़ लटके रहते हैं। इन चमगादड़ों के इतनी भारी संख्या में यहाँ पर रहने के कारण ही इस गुफा को “चमगादड़ गुफा” या ” Bat cave” या “चचेरे गुफा” कहा जाता है। यह गुफा भी काफी विसमयकारी है। अगर आप नेपाल के पोखरा जाते हैं, तो कोशिश करें इस गुफा को भी visit करें।
Gupteshwar Mahadev
यह मन्दिर भी नेपाल के पोखरा में एक गुफा में स्थित है। इस गुफा की खोज भी एक चरवाहे द्वारा की गयी थी। इस गुफा में एक शिव लिंग मिला है। माना जाता है, कि यह शिवलिंग एक प्राकृतिक शिवलिंग है।
इस शिवलिंग को “गुप्तेश्वर महादेव” के नाम से जाना जाता है। और इस गुफा को “गुप्तेश्वर गुफा” के नाम से जाना जाता है।
इस गुफा में ”Devis fall” [डेविस झरना] गिरता है। शिवलिंग के बिल्कुल पास गिरते इस झरने को आप स्पस्ट रूप से देख सकते हैं। ‘झर….झर…. झर…. झर….. गिरते इस झरने की तेज आवाज़ स्पस्ट सुनाई पड़ती है। फिर भी Gupteshwar Mahadev की पूजा में इस झरने से कोई बाधा उत्पन्न नहीं होती है। आप निर्बाध रूप से महादेव की पूजा कर सकते हैं।
Devis Fall
यह fall गुप्तेश्वर गुफा के सामने है। बहुत सुन्दर झरना है। लेकिन यह झरना जितना ही देखने में अच्छा लगता है, उससे ज्यादा यह रहस्यों से भारत पड़ा है।

तेजी से गिरता यह fall सीधे “गुप्तेश्वर गुफा” में गिरता है, जहाँ से यह गुफा की कंदराओं में चला जाता है, फिर रहस्यमई यह झरना अंदर गायब हो जाता है। यद्यपि यह झरने का पानी पोखरा शहर के बाहर थोड़ी दूर पर फिर दिखाई पड़ता है। लेकिन गुप्तेश्वर गुफा में जाने के बाद और पोखरा शहर के बाहर झरना के प्रवाहित होने से पहले यह एक रहस्य ही बना हुआ है।
Manakamana Temple
यह मन्दिर Kathmandu से Pokhara जाने वाले राजमार्ग पर स्थित है। नेपाल में इस राजमार्ग को ” पृथ्वी राजमार्ग ” के नाम से जाना जाता है। माता जी का यह मन्दिर इस Prithvi highway पर स्थित है। आप कुरीनटार से ‘केबल कार’ से माता जी के मंदिर जा सकते हैं। माता जी का यह मन्दिर ”देवी भगवती ” को समर्पित है। भगवती को माता “पार्वती जी” का रूप माना जाता है।
मान्यता है कि यहाँ पर आये हुए अपने भक्तों द्वारा की गयी कामना को माता जी जरूर पूरी करती हैं। अपने दरबार में आये हुए सभी भक्तों की मनोकामना पूरी करती हैं। चूँकि माता जी अपने भक्तों के मन की कामना को पूरा करती हैं, इसलिए इस मन्दिर को ” मनकामना मन्दिर ” कहा जाता है।
केबल कार से जाने के लिए टिकट काउंटर से टिकट लेना होता है।
अगर आप मंदिर जाने के लिए पैदल ही चढ़ाई करना चाहते हैं, तो माता जी के दरबार जाने के लिए सीढ़ी भी बनी है। आप इन सीढ़ियों से पैदल माता जी के दरबार ” मनकामना मंदिर ” जा सकते हैं।
Bindyabasini Temple
माता बिन्द्यबासिनी मन्दिर पोखरा में स्थित है। इस मन्दिर की कहानी भारत के विंध्याचल से जुड़ी है। कहा जाता है, कि नेपाल के एक राजा ने माता बिंध्यबासिनी की प्रतिमा को भारत के विंध्याचल से मंगाया था, और इस प्रतिमा को यहीं पोखरा में एक पहाड़ी पर माता जी का मंदिर बनाया गया था, और विधि विधान से इस प्रतिमा की स्थापना पूजा की गयी थी। बाद में इस मंदिर का पुनर्निर्माण किया गया।
वर्तमान मन्दिर ”शिखर शैली” में बनाया गया है। अगर आप कभी पोखरा जाते हैं, तो यहाँ भी जा सकते हैं। माँ बिंध्यबासिनी मन्दिर नेपाल का एक प्रसिद्ध मन्दिर है। नवरात्रि में यहाँ पर भक्तों का जमावड़ा लगता है।
Seti river
नेपाल के पोखरा में यह Seti river किसी Tourist places से कम नहीं। महाभारत पर्वतमाला को काटती हुई यह नदी कल – कल करती हुई बहती रहती है। यह पहले दूर से ही दिखाई पड़ती, फिर चट्टानों में छिप जाती है, आगे चलकर फिर दिखाई पड़ती, और अगले ही पल यह फिर गुफा में जाकर छिप जाती….। कभी गुफाओं में कभी चट्टानों में यह ‘सेती नदी” लुका – छिपी खेल खेलती रहती है, और देखने वाले हर पर्यटक को यह अपनी मनमोहक गतिविधियों के कारण रिझाती रहती है। किनारे खड़े यात्री जहाँ इसके प्रवाह को देख – देखकर आकर्षित होते रहते हैं, तो वहीं यह सेती नदी भी अपनी धारा के प्रवाह की स्टाइल पर मंद – मंद मुस्कुराती रहती है।
अगर आप भी पोखरा जाते हैं, तो सेती नदी को देखना न भूलें।
पोखरा कब जायें
पोखरा आप कभी भी जा सकते हैं। हिमालय में बसा यह पोखरा शहर हर मौसम में अपने touristers को enjoy करने का अवसर देता है।
जाड़ा के मौसम में जहाँ हिमालय की बर्फीली वादियाँ यहाँ आने वाले पर्यटकों को रिझाती रहती हैं, तो बारिस के मौसम में ऊँचे – ऊँचे पहाड़ों को चीरते बादल लोगों को आकर्षित करते रहते हैं। ऊपर से गिरती बारिस की बूंदें पूरे पोखरा शहर को भिगो – भिगो कर सराबोर कर देती हैं। भीगते शहर को देखकर कई couples स्वयं को रोक नहीं पाते, और खुद को इन बारिस की बूंदो के हवाले कर देते हैं, और तब तक भीगते रहते हैं, जब तक भीग – भीग कर खुद सराबोर नहीं हो जाते।
अगर आप भी life partner के साथ Pokhara की वादियों में घूमना चाहते हैं, यह दोनो ही मौसम पोखरा की वादियों में आपके स्वागत के लिए हमेशा reddy रहते हैं।
अगर आप अधिक ठंडी व बरसात से बचना चाहते हैं, तो आपके लिए सितम्बर से नवंबर व मार्च से मई का महीना पोखरा घूमने के लिए best समय है।
पोखरा में कहाँ रुकें
दोस्तों पोखरा में रुकने के लिए आपको कई best hotels मिलेंगे। लेकिन lake side में रुकने का मजा ही कुछ और है। यहाँ lake side में आपको बजट hotel से लेकर five star hotels तक मिलेंगे।
अगर आपकी पहली पसंद Resort है, तो आपको यहाँ पर best resort मिल जायेंगे।
Rent की bat करें तो आपको यहाँ पर 1000 npr से लेकर 10,000 npr तक के rooms मिल जायेंगे। आप अपने बजट के अनुसार hotels /resort में रुक सकते हैं।
यहाँ पर आपको कई hotels / resort ऐसे मिल जायेंगे, जहाँ से आप अपने room में बैठे – बैठे चाय या कॉफी की चुस्कियों के साथ केविन या विंडो से फेवा झील का नजारा देख सकते हैं।
पोखरा कैसे जायें
पोखरा जाने के लिए आपको पहले kathmandu जाना होगा। यहाँ से पोखरा जाने के लिए आपको luxury AC bus से लेकर सोफा सीट वाली luxury AC bus भी मिल जाएंगी। अगर आप चाहें तो काठमांडू से texi भी ले सकते हैं।
Kathmandu से Pokhara तक aeroplane service भी उपलब्ध है। इसके लिए आपको ”त्रिभुवन हवाई अड्डा काठमांडू” जाना होगा। Aeroplane से Pokhara पहुंचने में लगभग 30 minutes का समय लगता है।
